بسم الله الذي لا يضر مع اسمه شيء في الأرض ولا في السماء وهو السميع العليم अल्लाह के नाम पर, जिसका नाम पृथ्वी या आसमान में कुछ भी नुकसान नहीं पहुँचाता है, और वह सुनने वाला, जानने वाला है

June 28,2022

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कोरोना काल का चिंतन

कोरोना काल का चिंतन

कोरोना महामारी ने विश्व में एक क़हर बरपा कर रखा है। 200 से ऊपर देशों में इसका प्रभाव हुआ मगर कई बड़े देश और वहां के रहने वाले इसके ख़ास शिकार हुए हैं।

26 Jul 2020
पशु-बलि: दुनिया की सबसे पुरानी और सबसे सार्वभौमिक परम्पराओं में से एक

पशु-बलि: दुनिया की सबसे पुरानी और सबसे सार्वभौमिक परम्पराओं में से एक

डॉ. अब्दुल रशीद अगवान

12 Jul 2020
दिव्य मार्ग की पहचान: रिलीजन, धर्म और दीन

दिव्य मार्ग की पहचान: रिलीजन, धर्म और दीन

मनुष्यों के लिए किसी जीवन-पद्धति पर विश्वास, अनुसरण और व्यवहार बहुत महत्वपूर्ण हैं। यह उन्हें जीवन का लक्ष्य और उद्देश्य देती है और उनके जीवन को सकारात्मक तरीक़े से बदल देती है।

10 Jul 2020
अब कोई यह नहीं कहता कि कोरोना वायरस मुसलमानों से फैला

अब कोई यह नहीं कहता कि कोरोना वायरस मुसलमानों से फैला

कोरोना वायरस संक्रमण के मामले में भारत दुनिया में तीसरे स्थान पर आ गया है। वहीं, विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टेडरोस अदनाम गै़बरियसस ने चेतावनी देते हुए कहा है

10 Jul 2020
आखरी पैगम्बर

आखरी पैगम्बर

बात हज़रत मुहम्मद (सल्लo) की है। हज़रत मुहम्मद जिन्हें दुनिया भर के मुसलमान ईश्वर का आख़िरी पैग़म्बर मानते हैं। दूसरे लोग उन्हें सिर्फ़ मुसलमानों का पैग़म्बर समझते हैं। क़ुरआन से और स्वयं हज़रत मुहम्मद (सल्लo) की बातों से यही पता चलता है कि वे सारे संसार के लिए भेजे गये थे। उनका जन्म अरब देश के नगर मक्का में हुआ था, उनकी बातें सर्व-प्रथम अरबों ने सुनीं परन्तु वे बातें केवल अरबों के लिए नहीं थीं। उनकी शिक्षा तो समस्त मानव-जाति के लिए है। उनका जन्म 571 ई0 में हुआ था, अब तक लगभग 1450 वर्ष बीत गये पर उनकी शिक्षा सुरक्षित है। पूरी मौजूद है। हमारी धरती का कोई भू-भाग भी मुहम्मद (सल्लo) के मानने वालों से ख़ाली नहीं है।

अज़ान और नमाज़ क्या है

अज़ान और नमाज़ क्या है

आज बहुत-सी समस्याओं की असल वजह एक-दूसरे के बारे में सही जानकारी का न होना है। यह बड़े दुख की बात है कि जानकारी हासिल करने के इतने अधिक संसाधन मौजूद होते हुए भी हम सभ्य एवं शिक्षित कहे जानेवाले लोग परस्पर एक-दूसरे के बारे में अंधरे में रहते हैं। जानकारी न होने और द्वेष के कारण ऐसा भी होता है कि मुनष्य ऐसी बात का दुश्मन हो जाता है जो वास्तव में उसकी भलाई और कल्याण की है। ऐसा ही कुछ इस्लाम और उसकी शिक्षाओं के साथ हुआ है और बराबर हो रहा है।

बंधुआ मजदूरी और इस्लाम

बंधुआ मजदूरी और इस्लाम

पुस्तिका लेखक: सुल्तान अहमद इस्लाही अनुवाद: मुनाजिर हक

एकेश्वरवाद की मौलिक धारणा

एकेश्वरवाद की मौलिक धारणा

पुस्तिका: एकेश्वरवाद की मौलिक धारणा लेखक:- डा0 मुहम्मद अहमद डा0 फरहत हुसैन मुहम्मद जैनुल-आबिदीन मन्सूरी डा0 सैयद शाहिद अली

ईशदूतत्व की धारणा विभिन्न धर्मों में

ईशदूतत्व की धारणा विभिन्न धर्मों में

मानव जाति को ऐसे मार्गदर्शन और सिद्धांतों की आवश्यकता है, जिससे कि वह अपने व्यक्तिगत व सामूहिक जीनव का निर्माण कर सके और अपना जीवन सुखमय एवं शान्तिपूर्वक व्यतीत करें और साथ ही साथ उसका इस प्रकार सर्वांगीण विकास हो कि उसके भौतिक एवं आर्थिक जीवन और आध्यात्मिक एवं नैतिक पहलुओं के बीच आपसी टकराव न हो और न ही संतुलन बिगड़े।

इस्लाम और सन्यास

इस्लाम और सन्यास

पुस्तिका मौलाना सैयद अबुल आला मौदूदी