بسم الله الذي لا يضر مع اسمه شيء في الأرض ولا في السماء وهو السميع العليم अल्लाह के नाम पर, जिसका नाम पृथ्वी या आसमान में कुछ भी नुकसान नहीं पहुँचाता है, और वह सुनने वाला, जानने वाला है

January 22,2022

Hindi Islam

मां केवल प्रेम लिखती है

मां केवल प्रेम लिखती है

यह कहानी एक ऐसे शहर की है जिस की प्राकृतिक छटा देखते ही बनती है इस शहर का सौंदर्य अत्यंत प्रशंसनीय है इसी शहर का रहने वाला है आकाश जी हां बड़ा भोला सा व्यक्ति मगर समय की धारा और जटिल परिस्थितियों के चलते उसकी शिक्षा अधूरी रह गई थी इसी के साथ दूसरी वजह यह भी रही अकस्मात उसके पिता के निधन ने उसके देखे सारे स्वप्न धूमिल से कर दिए थे।

वह क्यों लौटा

वह क्यों लौटा

रात का तीसरा पहर था मगर साहिल चाह कर भी सो नहीं पा रहा था बस बिस्तर पर करवटें बदलते हुए रह रहकर यही सोच रहा था क्या मैं भटक गया हूं? क्या मैं बदल गया हूं? आखिर मेरे अंदर यह परिवर्तन क्यों आया? किसने बदला मुझको? क्या क्या स्कूल ने क्या संगत ने या उन दोस्तों ने जो खुद अंधकार में लीन है किसने आखिर किसने? परंतु आप वापसी का रास्ता मेरे पास बचा मैं तो जीवन की प्रकाश में धारा में खोकर इतना दूर निकल चुका हूं अब वापस कैसे लौटे?

 रहम दिल अमीन

 रहम दिल अमीन

किसी गाँव मे एक लड़का रहता था । जिस का नाम अमीन था । एक दिन अमीन का दिल हुआ के क्यूँ न नदी के किनारे घूमने चला जाए बस यही सोच कर वो नदी किनारे पहुंचा अचानक उस की निगाह नदी किनारे रेत पर पड़ी उस ने देखा के रेत पर पड़ी एक नन्ही मछली रो रही है |

वो क्यूँ रोई

वो क्यूँ रोई

किसी बगीचे में रंग -बिरंगे फूलों के बहुत फूलों दरख्त थे उन में लाल और सफ़ेद गुलाब के पौधे भी थे लाल गुलाब का नाम मुन्नू था और सफ़ेद गुलाब का नाम चुन्नू था ,जानते हैं उनकी दोस्ती पूरे बगीचे में मशहूर थी | वहीं बगीचे के कोने में बरगद का एक बहुत बड़ा पेड़ था उस पर एक कोयल रहती थी उस के नीचे वाली डाली पर चिडिया रहती थी

हमारा देश किधर जा रहा है?

हमारा देश किधर जा रहा है?

जब तक ग़लतफ़हमियाँ दूर नहीं होंगी, दंगों का सिलसिला शायद रुक नहीं सकता। मुसलमानों को यहाँ के हिन्दू भाइयों से जो संदेह और आशंकाएं हैं उन्हें उनका कोई प्रतिनिधि ही दूर कर सकता है। अलबत्ता मुसलमानों के बारे में जो ग़लतफ़हमियाँ हिन्दू भाइयों को हैं उनके सम्बन्ध में यहाँ कुछ बातें पेश की जा रही हैं। इसी के साथ उनकी कुछ शिकायतों का भी उल्लेख किया जा रहा है, ताकि गम्भीरता से उन पर ग़ौर किया जा सके।

27 Dec 2021
हज और उसका तरीक़ा (विस्तार से)

हज और उसका तरीक़ा (विस्तार से)

यह किताब हज करनेवालों के लिए लिखी गई है। इसमें इस बात की पूरी कोशिश की गई है कि हज के सभी मक़सद और उसकी हक़ीक़त व रूह के तमाम पहलू, जो क़ुरआन और सुन्नत से साबित हैं, पढ़नेवालों के सामने आ जाएँ, साथ ही उन अमली तदबीरों की भी निशानदेही कर दी गई है जिनको अपनाकर उन मक़सदों को हासिल किया जा सकता है और ये सबकुछ ऐसे ढंग से लिखा गया है कि हज की हक़ीक़त और रूह खुलकर सामने आने के साथ दीन के बुनियादी तक़ाज़े भी पूरी तरह उभरकर सामने आ जाते हैं।

हज कैसे करें (संछिप्त)

हज कैसे करें (संछिप्त)

“बेशक मैंने इबराहीम के रास्ते पर रहते हुए यकसू होकर अपना रुख़ उस हस्ती की तरफ़ कर लिया जिसने ज़मीन और आसमानों को पैदा किया और मैं मुशरिक नहीं हूँ। बेशक मेरी नमाज़, मेरी क़ुरबानी, मेरा जीना और मेरा मरना अल्लाह ही के लिए है जो तमाम जहानों का रब है। उसका कोई शरीक नहीं है। मुझे उसी का हुक्म है और सबसे पहले हुक्म माननेवाला मैं हूँ। ऐ अल्लाह, ये तेरे लिए है और तेरा ही दिया हुआ है। "

इस्लाम और मानव-एकता

इस्लाम और मानव-एकता

“ऐ लोगो, अपने प्रभु से डरो जिसने तुमको एक जीव से पैदा किया और उसी से उसका जोड़ा बनाया और उन दोनों से बहुत से पुरुष और स्त्री संसार में फैला दिए। उस अल्लाह से डरो जिसको माध्यम बनाकर तुम एक-दूसरे से अपने हक़ माँगते हो, और नाते-रिश्तों के सम्बन्धों को बिगाड़ने से बचो। निश्चय ही अल्लाह तुम्हें देख रहा है।" (क़ुरआन–4:1)

जायसी के दोहे और इस्लाम के अन्तिम पैगंबर मुहम्मद (सल्ल०)

जायसी के दोहे और इस्लाम के अन्तिम पैगंबर मुहम्मद (सल्ल०)

सोरठा : साईं केरा नाँव, हिया पूर, काया भरी । मुहम्मद रहा न ठाँव, दूसर कोइ न समाइ अब ॥ अर्थ :- साईं (मुहम्मद (सल्ल०)) के नाम से तन एवं हृदय पूर्ण रूप से भर चुका है, मुहम्मद (सल्ल०) के बिना चैन नहीं है, अब हृदय में दूसरा कोई समा भी नहीं सकता ।

इस्लाम और मानव-अधिकार

इस्लाम और मानव-अधिकार

“निश्चय ही हमने रसूलों को स्पष्ट प्रमाणों के साथ भेजा और उनपर हमने किताबें उतारीं और न्याय और इंसाफ़ क़ायम करने के लिए तराज़ू दिया, ताकि लोग न्याय और इंसाफ़ पर क़ायम हों।" (क़ुरआन, 57:25) हज़रत उमर (रज़ि.) कहते हैं, “ख़ुदा की क़सम, किसी शख़्स को क़ैद नहीं किया जाएगा जब तक कि न्यायप्रिय लोग उसके अपराधी होने की गवाही न दें।"