بسم الله الذي لا يضر مع اسمه شيء في الأرض ولا في السماء وهو السميع العليم अल्लाह के नाम पर, जिसका नाम पृथ्वी या आसमान में कुछ भी नुकसान नहीं पहुँचाता है, और वह सुनने वाला, जानने वाला है

June 29,2022

हदीस

हदीस लेक्चर 3: हदीस और सुन्नत - शरीअत के मूलस्रोत के रूप में

हदीस लेक्चर 3: हदीस और सुन्नत - शरीअत के मूलस्रोत के रूप में

[ये ख़ुतबात (अभिभाषण) जिनकी संख्या 12 है, इस में इल्मे-हदीस (हदीस-ज्ञान) के विभिन्न पहुलुओं पर चर्चा की गई है । इसमें इल्मे-हदीस के फ़न्नी मबाहिस (कला पक्ष) पर भी चर्चा है । इलमे-हदीस के इतिहास पर भी चर्चा है और मुहद्दिसीन (हदीस के ज्ञाताओं) ने हदीसों को इकट्ठा करने, जुटाने और उनका अध्ययन तथा व्याख्या करने में जो सेवाकार्य किया है, उनका भी संक्षेप में आकलन किया गया है।]

हदीस लेक्चर 2: इल्मे-हदीस - आवश्यकता एवं महत्व

हदीस लेक्चर 2: इल्मे-हदीस - आवश्यकता एवं महत्व

[ये ख़ुतबात (अभिभाषण) जिनकी संख्या 12 है, इस में इल्मे-हदीस (हदीस-ज्ञान) के विभिन्न पहुलुओं पर चर्चा की गई है । इसमें इल्मे-हदीस के फ़न्नी मबाहिस (कला पक्ष) पर भी चर्चा है । इलमे-हदीस के इतिहास पर भी चर्चा है और मुहद्दिसीन (हदीस के ज्ञाताओं) ने हदीसों को इकट्ठा करने, जुटाने और उनका अध्ययन तथा व्याख्या करने में जो सेवाकार्य किया है, उनका भी संक्षेप में आकलन किया गया है।]

हदीस लेक्चर 1: इल्मे-हदीस - एक परिचय

हदीस लेक्चर 1: इल्मे-हदीस - एक परिचय

[ये ख़ुतबात (अभिभाषण) जिनकी संख्या 12 होगी, इल्मे-हदीस (हदीस-ज्ञान) के विभिन्न पहुलुओं पर चर्चा करेंगे। इसमें इल्मे-हदीस के फ़न्नी मबाहिस (कला पक्ष) पर भी चर्चा होगी, इलमे-हदीस के इतिहास पर भी चर्चा होगी और मुहद्दिसीन (हदीस के ज्ञाताओं) ने हदीसों को इकट्ठा करने, जुटाने और उनका अध्ययन तथा व्याख्या करने में जो सेवाकार्य किया है, उनका भी संक्षेप में आकलन करने का प्रयास किया जाएगा।]

हदीस -संग्रह: पैग़म्बर (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) की बातें

हदीस -संग्रह: पैग़म्बर (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) की बातें

संकलन - अब्दुर्रब करीमी प्रस्तुत पुस्तक ‘‘पैग़म्बर (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) की बातें'' को तैयार करने का उदे्दश्य भारत के लाखों-करोड़ों भाइयों और बहनों को यह बताना है कि हज़रत मुहम्मद (सल्ल0) किसी ख़ास देश और क़ौम के लिए नहीं, बल्कि सबके पैग़म्बर (ईशदूत) है। इसी को देखते हुए इस पुस्तक में कुछ ऐसी हदीसों को इकट्ठा किया गया है जिनमें मालूम होगा कि समाज में एक साथ रहते हुए बिना देश-धर्म और भेद-भाव के हमपर एक-दूसरे के क्या अधिकार मालूम होते हैं। इसमें शामिल विषयों को देखकर पढ़नेवाले ख़ुद महसूस करेंगे कि यह किताब वक़्त की एक अहम ज़रूरत है।

ज्ञान हदीस: एक परिचय

ज्ञान हदीस: एक परिचय

इस्लामी परिभाषा में ‘हदीस', पैग़म्बर मुहम्मद (सल्ल॰) के कथनों, कर्मों, कार्यों को कहते हैं। अर्थात् 40 वर्ष की उम्र में ईश्वर की ओर से सन्देष्टा, दूत (नबी, रसूल, पैग़म्बर) नियुक्त किए जाने के समय से, देहावसान तक, आप (सल्ल॰) ने जितनी बातें कीं, जितनी बातें दूसरों को बताईं, जो काम किए उन्हें हदीस कहा जाता है।

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